सहज कृषि पर उदगार, दीपावली महोत्सव, जयपुर

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सहज कृषि पर उदगार, दीपावली महोत्सव, जयपुर, दिनांक 28-30 अक्टूबर, 2011

श्री माताजी निर्मला देवी द्वारा प्रेणित सहज योग का प्रभाव ने केवल मानव के उत्थान के लिए बरन जीवात्मा या जीवान्त में भी इनके प्रभाव वैज्ञानिक अनुंसधानों द्वारा देखने को मिलें है। मानव के अंदर रीढ़ की हड्डी के नीचे त्रिकोणाकार अस्थि में कुण्डलिनी की शक्ति साढ़े तीन कुण्डलों में सोई हुई अवस्था में विराजमान है। श्री माताजी निर्मलादेबी द्वारा आत्म साक्षात्कार प्राप्त करके इस शक्ति को जागृत किया जा सकता है। श्री माताजी ने बतलाया कि वाइब्रेशन (चैतन्य लहरियां/ स्पंद)एक जीवान्त प्रक्रिया है जो सोचती है और कार्य करती
है। जिस प्रकार लोहे पर चुम्बक का प्रभाव होता है । उस प्रकार यह कार्य करती है। इन चैतन्य लहरियों का प्रभाव सभी जीवन्त चीजों पर क्रमशः पृथ्वी, पानी, वनस्पति,जन्तु-जगत वातावरण के साथ-साथ मानव के उत्थान पर भी प्रभाव पड़ता है। इसी संदर्भ में कृषि के क्षेत्र में सहजयोग की चैतन्य लहरीयों का प्रभाव कृषि ,पशुपालन, उद्यान पर भी इत्यादि देखने को मिले । दीपावली महोत्सव, जयपुर में दिनांक 28-30 अक्टूबर को सहज कृषि पर दिये गये उदगार की जानकारी आपको दी जा रही है।

1. श्री माताजी निर्मला देवी द्वारा चैतन्य का सफल प्रयोग मैंने गेहू के 1.5 बीघा खेत में किया। सर्वप्रथम गेहूँ के बीज को श्री माताजी के समक्ष चैतन्यमय करके बोया |टयूबवैल के पास श्री माताजी का फोटोग्राफ रखकर चैतन्यमयी पानी का उपयोग किया। इससे गेहूँ के पौधों की बढ़वार एवं बालियों की लम्बाई, दूसरे खेतों के बजाय १.5 गुना ज्यादा देखने को मिली फलस्वरूप दुगना उत्पादन मिला। श्री भौरीलाल गाँव डॉडा सिन्दरपुर पो. मोहन लालगंज जिला लखनऊ मोबाईल : 9415795505.

  1. 10 गाँवों में सहज कृषि 500 कृषकों के यहाँ करने से 20-30 प्रतिशत ज्यादा उत्पादन हुआ। (श्री राजेश ‘एम.एस.सी. कृषि प्लान्ट ब्रीडर हैदराबाद मो. 69848458181)

3.भैंस को चैतन्यमयी चारा एवं पानी देने से पशु स्वस्थ्य होने के साथ दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि हुई, पहले 5 किलो दूध देती थी जो धीरे-धीरे बढ़कर 12 किलो तक हो गया। उत्तराखंड में पोपलर पेड़ों का वृक्षारोपण किया जाता है 700 पोपलर पेड़ों में चैतन्यमयी पानी का प्रयोग कर 4 वर्ष में 2.5 फुट मोटाई का तना मिला जबकि अन्य खेतों में बिना चैतन्यमय पानी के यह मोटाई 5 वर्ष में देखने को मिली। गेहूँ की फसल में चैतन्य पानी एवं बीज का प्रयोग कर 4 गुना ज्यादा पैदावार मिली । गन्ना एवं धान में भी ज्यादा उत्पादन हुआ (श्री जगपाल सिंह हरिद्वार 01 334242123, मो. 8057820937)

4. सहज कृषि का प्रयोग अपने क्षेत्र में करने का आश्वासन दिया।

– श्री विपिन सिंह गांव भोपाल खेडा पो. मोहनलालगंज,लखनऊ

– श्री योगेश कुमार सिंह ग्राम जिरोलीडोर, अलीगढ़

– श्री नेकराम अलीगढ़ (यू.पी.)

– श्री आई. एल. सारस्वत यू.पी. स्टेट कोर्डिनेटर

– डा. अशोक चौहान मोहनलालगंज, लखनऊ

– श्री पवन प्रभाकर लुधियाना मो. 9888932600

– श्री रामेश्वर चौधरी वेटनरी सहायक जोधपुर मो , 941460444

– श्री विजय शर्मा इन्दोर मो. 9755771529

– सुशील डी 10/ 10 सेक्टर 15 रोहिणी दिल्ली

– डा. एस. वी. जाखले नासिक मो. 9850559791

5. चैतन्यमयी प्याज की बुवाई ऋतम्भरा, शाकम्भरी मंत्र: ‘का जाप कर 175 क्विंटल प्याज प्रति एकड़ प्राप्त हुआ।

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